PM मोदी के साथ होने वाली बैठक से पहले अब्‍दुल्‍ला ने की नेशनल कांफ्रेंस नेताओं से चर्चा

PM मोदी के साथ होने वाली बैठक से पहले अब्‍दुल्‍ला ने की नेशनल कांफ्रेंस नेताओं से चर्चा
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श्रीनगर. नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) ने केंद्र शासित प्रदेश में मुख्यधारा के राजनीतिक दलों को वार्ता के लिए बुलाने के केंद्र के निमंत्रण पर बुधवार को जम्मू के अपने पार्टी के नेताओं के साथ चर्चा की. जम्मू क्षेत्र के नेकां नेताओं ने कहा कि वे जम्मू-कश्मीर की एकता और अखंडता को बरकरार रखते हुए और उसके लोगों की इच्छाओं तथा आकांक्षाओं का सम्मान करते हुए एक जम्मू-कश्मीर के समर्थन में हैं. नेकां के जम्मू के प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा ने इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया.

अब्दुल्ला के आवास के बाहर पत्रकारों से बातचीत में राणा ने कहा, ‘‘हमारा एक ही रुख है और वह है जम्मू-कश्मीर की एकता और अखंडता को बरकरार रखते हुए तथा जम्मू-कश्मीर के लोगों की इच्छाओं तथा आकांक्षाओं का सम्मान करते हुए एक जम्मू-कश्मीर का निर्माण.’’ उन्होंने कहा कि संवाद और समावेशिता लोकतंत्र का अहम गुण है. उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा कोई भी संवाद जो हमें इस दलदल से बाहर ले जा सकता है और जिससे जम्मू-कश्मीर और उसके लोगों का कल्याण होगा, हम उसके साथ खड़े हैं.’’

केंद्र शासित प्रदेश के लिए भविष्य की कार्रवाई पर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) द्वारा बुलाई गई बृहस्पतिवार की बैठक के लिए अब्दुल्ला सहित जम्मू-कश्मीर के 14 नेताओं को आमंत्रित किया गया है. राणा ने कहा कि जम्मू के पार्टी नेताओं ने अब्दुल्ला पर भरोसा जताया है क्योंकि वो न केवल नेकां के अध्यक्ष हैं बल्कि जम्मू-कश्मीर के कद्दावर नेता भी हैं. उन्होंने कहा, ‘‘अब्दुल्ला ने हमें आश्वस्त किया है कि वह हमारा और जम्मू-कश्मीर के लोगों का प्रतिनिधित्व करेंगे और वह जम्मू-कश्मीर के लोगों के कल्याण के लिए इस संवाद को अकेले आगे ले जा सकते हैं.’’

उन्होंने कहा कि जहां तक बहुलवादी जम्मू का सवाल है तो उसकी अपनी आकांक्षाएं और अपनी इच्छाएं हैं. यह पूछने पर कि क्या जम्मू क्षेत्र के नेता पाकिस्तान के साथ संवाद चाहते हैं जैसा कि पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को कहा, इस पर राणा ने कहा कि वह ‘‘पेचीदगियों में नहीं जाएंगे.’’

उन्होंने कहा, ‘‘अब्दुल्ला संवाद के लिए जा रहे हैं, यह भारत के प्रधानमंत्री के साथ संवाद है और यह एक समावेशी संवाद है और हमें उम्मीद है कि इससे जम्मू-कश्मीर की बेहतरी, जम्मू-कश्मीर की शांति, प्रगति और समृद्धि होगी. हम यहां राजनीति के लिए नहीं है, हम यहां जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए हैं और हमेशा उनके लिए रहेंगे.’’ यह पूछने पर कि क्या उन्हें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री के साथ बैठक से केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव कराने का मार्ग प्रशस्त होगा, इस पर राणा ने कहा कि सब कुछ चुनाव के बारे में नहीं है. यह पूछने पर कि क्या वह विशेष दर्जें के साथ राज्य का दर्जा बहाल कराना चाहते हैं, इस पर उन्होंने कहा, ‘‘कौन राज्य नहीं चाहता और जाहिर तौर पर कौन हमारी अपनी पहचान, हमारी नौकरी की सुरक्षा और भूमि की सुरक्षा नहीं चाहता.’’

 

About Post Author

Fatima Ansari

Students Representative at Vasanta College for women Rajghat- BHU, Campus Ambassador at Sahitya Darbar BHU, Leader at Lead Campus Deshpande Foundation, Editor Translator and Jury member at Mrigtrishna e-magazine, News writer at The Times of Hind and Live Bharat news.
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