‘भाग मिल्खा भाग’ के लेखक प्रसून जोशी ने किया फ्लाइंग सिख को याद, साझा किए फिल्म से जुड़े किस्से

‘भाग मिल्खा भाग’ के लेखक प्रसून जोशी ने किया फ्लाइंग सिख को याद, साझा किए फिल्म से जुड़े किस्से
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प्रसून जोशी ने मिल्खा सिंह के साथ ट्विटर पर तस्वीर भी शेयर की है. (फोटो: Twitter/@prasoonjoshi_)

प्रसून जोशी ने मिल्खा सिंह के साथ ट्विटर पर तस्वीर भी शेयर की है.

Demise of Milkha Singh: प्रसून जोशी (Prasoon Joshi) ने एक वीडियो शेयर कर फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह से मुलाकात और फिल्म से जुड़े अनुभव साझा किए हैं. उन्होंने कहा, ‘मिल्खा सिंह जी के निधन का समाचार बहुत ही दुखद है.

नई दिल्ली. आजाद भारत के महान धावकों में शामिल और फ्लाइंग सिख (Flying Sikh) कहे जाने वाले मिल्खा सिंह (Milkha) दुनिया से विदा हो गए. 91 वर्षीय सिंह ने शुक्रवार रात अंतिम सांस ली. वे कोविड-19 (Covid-19) के चलते हुई परेशानियों का सामना कर रहे थे. साल 2013 में आई फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ (Bhaag Milkha Bhaag) ने नई पीढ़ी को सिंह के संघर्ष से सफलता तक की कहानी सुनाने में बड़ी भूमिका निभाई है. उनके निधन पर फिल्म के स्क्रिप्ट राइटर और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के चेयरमैन प्रसून जोशी ने उन्हें याद किया है. वे कहते हैं कि फिल्म लिखने के दौरान उन्होंने ना केवल सिंह, बल्कि खुद को भी जाना है.

प्रसून जोशी ने एक वीडियो शेयर कर फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह से मुलाकात और फिल्म से जुड़े अनुभव साझा किए हैं. उन्होंने कहा, ‘मिल्खा सिंह जी के निधन का समाचार बहुत ही दुखद है. मैं अभी उनसे दो महीने पहले ही मिला था और मैं उनको कह रहा था कि यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे भाग मिल्खा भाग लिखने का अवसर मिला और मैंने यह फिल्म लिखी.’

इस दौरान जोशी फिल्म से जुड़ी बातों को याद करते हैं. वे कहते हैं, ‘इस फिल्म को लिखने के दौरान उन्हें जाना. उनको ही नहीं जाना उनके बहाने स्वयं को भी जाना, उनसे बहुत कुछ सीखा और मैंने कोशिश की कि उनकी, उनके जीवन की और उनके जो जीवन की यात्रा है, उन्हें शब्दों में पिरोकर फिल्म के माध्यम से लोगों के सामने प्रस्तुत कर सकूं.’

दिग्गज धावक के जीवन पर तैयार फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ के गीतों ने कई लोगों को प्रोत्साहित किया होगा. जोशी बताते हैं, ‘एक गीत मैंने लिखा था. जिंदा है, तो प्याला पुरा भर ले, कंचा फूटे चूरा कांच कर ले जिन्दगी का ये घड़ा ले एक सांस में चढ़ा ले हिचकियों में क्या है मरना, पूरा मर ले. शायद कही मिल्खा सिंह जी का जीवन के प्रति उनका रुख था, उससे ही यह प्रेरित था.’ जोशी ने सिंह के साथ ट्विटर पर एक तस्वीर भी शेयर की है.उन्होंने अपने पसंदीदा गीत को लेकर भी बात की. CBFC के चेयरमैन ने कहा, ‘जो चीज, जो गीत मुझे बहुत प्रिय है और मुझे लगता है कि मिल्खा सिंह जी जो सकारात्मक ऊर्जा थी, उसे बताता है. वह है दांत से काट ले बिजली तार, चबा ले तांबे की झंकार, फूंक दे खुद को ज्वाला-ज्वाला, बिन खुद जले ना होए उजाला.’ खास बात है कि इस फिल्म के लिए सिंह ने केवल एक रुपये लिए थे. फिल्म में सिंह का मुख्य किरदार फरहान अख्तर ने निभाया था. जबकि, उनके कोच की भूमिका में क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह थे.

1958 के कॉमनवेल्थ गेम्स और 1960 को रोम ओलंपिक्स के चैंपियन दिवंगत मिल्खा सिंह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई बड़े राजनेताओं और खेल जगत से जुड़े लोगों ने भी श्रद्धांजलि दी है. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने फ्लाइंग सिख को राजकीय सम्मान के साथ विदा देने का घोषणा की है. राज्य में एक दिन का राजकीय शोक रखा जाएगा.


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Fatima Ansari

Students Representative at Vasanta College for women Rajghat- BHU, Campus Ambassador at Sahitya Darbar BHU, Leader at Lead Campus Deshpande Foundation, Editor Translator and Jury member at Mrigtrishna e-magazine, News writer at The Times of Hind and Live Bharat news.
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